रास्ता या मंज़िल

रास्ता या मंज़िल

मंज़िल को बोलो रुके

वख्त हैं अभी उसे पा लेने मैं

रास्ते का जो हैं मज़ा

नहीं हैं वह पोहोच जाने मैं

 

मानसी

admin

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